Saturday, June 4, 2011

सुनी सुनाई बात

                      बहुत समय पहले की बात है एक जंगल में बहुत सारे जानवर रहते थे|  जंगल के बीच में एक बहुत बड़ा तालाब था जहाँ से जानवर पानी पीते थे| इस तालाब के किनारे पर एक पपीते का बहुत ऊँचा पेड़ था उस पर बहुत बड़े बड़े पपीते लगते थे| एक बार कुछ खरगोश पानी पी कर तालाब के किनारे पर खेल रहे थे| एक पका हुआ  बड़ा सा  पपीता टूट कर पानी में गिर गया जिस से बहुत जोर की आवाज आई "गडम" करके| गडम की   आवाज सुन कर खरगोश डर गए और भाग निकले| खरगोशों को भागते हुए देख कर एक लोमड़ी ने पूछा "क्यों भाई क्या बात है क्यों भाग रहे हो" खरगोश ने कहा गडम आ रहा है भागो| लोमड़ी भी उनके साथ भाग ली| आगे चल कर उनको एक हाथियों का झुण्ड मिला| एक हाथी ने पूछा "क्यों भाग रहे हो तो उत्तर मिला गडम आ रहा है भागो| हाथी भी साथ भागने लगे| धीरे धीरे गडम आ रहा है सुन कर बहुत सारे जानवर एकसाथ भागने लगे| यह जानवरों का झुण्ड जब बब्बर शेर की मांद के पास से दौड़ रहा था तो शेर ने पूछा क्यों भाग रहे हो| उत्तर मिला गडम आ रहा है भागो|जैसे ही एक शेर भागने को तयार हो रहा था तो दूसरे शेर ने कहा तुम क्यों भाग रहे हो तुम तो जंगल के राजा हो| तुम्हारे पास शक्तिशाली पंजे हैं तुम जिसे चाहो अपने पंजों से चीर सकते हो| भागने से पहले सच्चाई तो जानलें| इस पर शेर ने एक जानवर से पूछा कि तुम्हें किसने कहा कि गडम आरहा है तो उसने कहा मुझे तो हाथी ने कहा| हाथी से पूछा तो उसने कहा मुझे तो लोमड़ी ने कहा| लोमड़ी ने कहा मुझे तो खरगोश  ने कहा था| जब खरगोश से पूछा तो उसने कहा हम जहाँ पर खेल रहे थे वहां पर गडम की आवाज आई थी जिस को सुन कर हम भागे थे| शेर ने कहा मुझे उस स्थान पर ले चलो| सभी उस स्थान की ओर चल पड़े| जैसे ही सभी जानवर तालाब के किनारे पर पहुंचे एक बड़ा सारा पपीता टूट कर पानी में गिर गया और बहुत जोर से गडम की आवाज आई| शेर ने कहा यह तो पानी की आवाज है जो पपीते के गिरने से हुई| खरगोश ने कहा हम तो यही आवाज सुनकरकर ही  डर के मारे भागे थे| तब शेर ने समझाया कि इसमें डरने की कोई बात नहीं है| यह सब सुनी सुनाई बात से हुआ है| शेर ने कहा आगे से कभी भी सुनी सुनाई बात पर विश्वास मत करना|       

16 comments:

  1. मजा आया गडम के डर के बारे में जान कर, बिल्कुल टपके के जैसा डर बना था,

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  2. सच बात है, सुनी सुनी बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिये।

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  3. इसी तरह भूत-प्रेत भी होते हैं...जब सामना करने पर उतर आओ तो गायब हो जाते हैं...

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  4. मुझे तो इस तरह की कहानियां सुनने में बड़ा आनंद आता है। प्रेरक बातें जो होती हैं इनमें।

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  5. बचपन में सुनी कहानियों को फिर से सुना कर बचपन लौटा रहे हैं.बड़ा ही अच्छा लग रहा है.

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  6. वाकई सुनी सुनाई बात पर विश्वास बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए.

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  7. सही बात ....प्यारी कहानी....

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  8. बहुत अर्थपूर्ण कहानी....

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  9. हा हा हा.. बहुत ही बढ़िया ! गडम बहुत ही खतरनाक था ! हा हा
    मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है : Blind Devotion - स्त्री अज्ञानी ?

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  10. फिर से बचपन की याद आ गई

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  11. अन्धानुकरण हमेशा ही अनुचित होता है ! सही आपकी कहानी !

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  12. sach kaha soch samjhkar kaam karna chahiye ,sundar katha .

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