Tuesday, January 17, 2012

हाथी और चूहा

                       बहुत समय पहले की बात है एक जंगल में एक पेड़ के नीचे कुछ चूहे रहते थे| चूहों ने पेड़ की जड़ के पास अपने घर बनाए हुए थे| पास में ही एक नदी बहती थी| सारे चूहे आपस में मिलजुल कर रहते थे और खुश रहते थे| एक दिन एक हाथियों का झुण्ड वहां आ गया| हाथियों ने नीचे कुछ भी नहीं देखा जो भी सामने आया सब को कुचल दिया| इस में चूहों के कई घर तबाह हो गए और कुछ चूहे बुरी तरह से घायल भी हो गए| अब चूहों ने एक सभा बुलाई जिस में उन्हों ने अपने सरदार से कहा कि वह जाकर हाथियों के सरदार से बात करे कि किस तरह उनके साथियों ने हमारे घर तबाह कर दिए हैं| चूहों का सरदार हाथियों के सरदार के पास गया और नम्रता से कहा कि आज आपके हाथियों ने हमारे बहुत सारे घर तोड़ दिए और कई चूहों को जख्मी भी कर दिया है| अब आगे से ऐसा न करें| हाथियों का सरदार दयालु था उसने कहा कि आज के बाद कोई भी हाथी तुम्हें तकलीफ नहीं देगा| यह में वादा करता हूँ| चूहों के सरदार ने कहा जब भी जरूरत हो हमें याद करना हम आपकी मदद को आ जाएँगे| चूहों का सरदार खुश होकर वापस आ गया और बताया कि सब ठीक हो गया है| सब कुछ पहले की तरह चलने लग गया|
                    काफी दिनों बाद एक शिकारी ने आकर आपना जाल नदी के किनारे पर बिछा दिया| हाथियों का सरदार इस जाल में फंस गया| उसको अपने दोस्त चूहों के सरदार की याद आई| उसने अपने साथियों को बुलाकर कहा कि वे चूहों के सरदार को बुलाकर लाएं वह ही हमारी मदद कर सकता है| हाथी दौड़ कर चूहे के पास गए और सारी बात बताई| सभी चूहे मदद के लिए दौड़ पड़े| कुछ ही मिनटों में उन्हों ने अपने तेज दांतों से जाल को काट दिया और हाथी को आजाद करा दिया| हाथी ने चूहों का धन्यवाद किया और कहा "कर भला हो भला अंत भले का भला"|


15 comments:

  1. लेकिन उत्तर प्रदेश के हाथियों को तो 'चुहाव आयोग' ने ही परेशान कर रक्खा है... उनके जाल (कवर) कौन काटेगा?
    देखें इस काम से किसका भला होता है??

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  2. बचपन में सुनी थी ये कहानियां दादी नानी के मुख से। इनके संदेश आज भी उतने ही प्रेरक हैं।

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  3. अच्छी कहानी....कुछ अच्छा सीखने को मिला!

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  4. प्रेरक कहानी |

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  5. बहुत सुन्दर और प्रेरक कहानी..

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  6. बचपन में सुनी थी ये कहानियां अब बच्चों के साथ शेयर करने मे अच्छा लगता है

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  7. बहुत सार्थक प्रस्तुति, सुंदर कहानी ,बेहतरीन पोस्ट....
    new post...वाह रे मंहगाई...

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  8. बहुत सुन्दर प्रेरक कहानी..

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  9. प्रेरक कहानी,बहुत सुन्दर प्रस्तुति
    सादर
    एक ब्लॉग सबका '

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  10. आज भी बिना कहानियां सुने मुझे नींद नहीं आती.

    गणतंत्र दिवस हम सभी भारतवासियों को मुबारक हो.

    इलाही वो भी दिन होगा जब अपना राज देखेंगे
    जब अपनी ही जमीं होगी और अपना आसमां होगा.

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  11. शेर और चूहे जैसी कहानी ....प्रेरणास्पद !

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  12. बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

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  13. bahut achi kahani. kbhi kbhi hamare blog par bhi padhare or acha lage to apne vichar de or is se jude. mere blog ka pta h....
    http://hiteshnetandpctips.blogspot.com

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