Friday, February 4, 2011

विचारकर काम करने में ही शोभा है

       किसी बन में एक शेर रहता था|  एक दिन उसे बड़ी भूख लगी| वह शिकार की खोज में दिन भर इधर उधर दौड़ता रहा, पर उस दिन उसे कुछ नहीं मिला| शाम को उसे एक बहुत बड़ी गुफा दिखाई दी| वह उस गुफा में घुस गया, पर उसे वहां कुछ नहीं मिला| उसने सोचा कि यह मांद  जरुर किसी जानवर ने बनाई है| वह रात को यहाँ जरुर आएगा| शेर यहाँ छिप कर बैठ गया| ताकि मांद वाले जानवर के आने पर शेर का खाने का  इंतजाम हो सके| कुछ समाय बाद एक लोमड  और लोमड़ी  वहां आए| लोमड़ी चालाक तो होती ही है उसने देखा कि कोई जानवर के  पैरों के निशान मांद की तरफ गए हैं पर वापसी के कोई निशान  नहीं हैं| वह सोचने लगी  कि इस मांद में जरुर कोई है, अब में क्या करूँ, और कैसे पाता लगाऊं  कि मांद में कौन है| कुछ सोचने के बाद उसे एक उपाय सूझा| उसने मांद को पुकारना आरम्भ किया| वह कहने लगी  " ओ मांद!, ओ मांद!" फिर थोड़ी देर रुक कर बोली  " ए मांद क्या तुम्हे याद नहीं है, हम लोगों में तय हुआ है कि जब भी मैं यहाँ आऊं तब तुम्हे मुझे आदरपूर्वक बुलाना चाहिए| पर यदि अब तुम मुझे नहीं बुलाते हो तो मैं दूसरी मांद में जा रही  हूँ|" यह आवाज सुनकर शेर सोचने लगा "ऐसा लगता है कि यह गुफा इस लोमड़ी को बुलाया करती थी, पर आज मेरे डर से यह नहीं बोलरही है| इसलिए मैं इसे प्रेमपूर्वक बुला लूँ और जब आजाए तब इसे पकड़ कर खा जाऊं  |" ऐसा सोचकर शेर ने जोर से पुकारा| शेर की जोर की आवाज से मांद गूंज उठी और बन के सभी जीव डर गए| लोमड़ी को भी पाता चल गया कि मांद में शेर बैठा है| लोमड़ी भी लोमड को साथ लेकर कहीं दूर भाग गई| और कहने लगी कि जो सावधान होकर विचारपूर्वक काम करता है वह सोभा पाता है| जो बिना विचारे कोई काम करता है उसे बादमें पछताना पड़ता है|

11 comments:

  1. विचार कर ही कोई भी कार्य करें हम सब।

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  2. बिना बिचारे जो करे, सो पाछे पछताय.

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  4. बिना सोचे काम करने पर पछताना ही पडता है.

    http://bachhonkakona.blogspot.com/

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  5. अच्छी बात बताती कहानी....

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  6. सभी कहानियां सार्थक हैं आभार

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  7. संदेशप्रद सुंदर कहानी । बधाई ।

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  8. सुन्दर सन्देश देती सार्थक कहानी।

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  9. bahut hi achhi kahani .bachcho ko bhi padhvaya.
    ek prerak prastuti.
    dhanyvaad
    poonam

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  10. इस कहानी ने बचपन की यादें ताज़ा कर दीं। दिलचस्प कहानी के लिए बधाई ।

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